रश्मों-रिवाजों से बगावत ही सही.,
ओ नहीं मेरी पर उनसे मोहब्बत तो है.,
इश्क में हम हार भी रहे है हम जीत भी रहे है.,
ना हम दिख रहे है ना उन्हें � read more >>
प्रेम की स्वप्निल डगर पर
दो तरफ हम एक पथ पर
पुलक चलते, समानांतर
पर कभी जुड़ने की कोई आस न हो
प्रेम हो, पर मिलन की कोई प्यास न हो!
एक सखी � read more >>
एक अनजाना सा एहसास ,
एक अजनबी का साथ ,
वो छोटी सी मुलाक़ात ,
हकीक़त था या ख्वाब ,
मन मेरे रहता है ,
उसकी हर एक प्यारी बात ,
यो ही चलता रहे मेरे read more >>
बड़े नादां हो सनम, माहताब मांगते हो //
अंधे की आंखों से, इक खा़ब मांगते हो //
फुलों के शहरों से, खुशबु बेच आने पर //
तुम तो बिन कांटे की, गुला� read more >>
न मिलना मुझे आसानी से तुम,
बस पथिक मुझे बनाए रखना,.
मिलना मुझसे जब मन हो तेरा,
बस मिलन की आस मुझमें जगाए रखना,.
जो आनंद है स्नेह डगर में ते� read more >>