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SACHIN KUMAR SONKER

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My Articles

(सचिन कुमार सोनकर) सूनी है सड़के और गालियाँ भी सुनसान है। चारो तरफ फैला है , सन्नाटा नही दिख रहा कोई इन्सान है। ना ही किसी के पैरों के नि� read more >>
ख्वाब उनकी आखों में है, और नींद हमे नही आती। खुदा करे की उनके सारे ख्वाब पुरे हो जाये । सूकून उनके दिल को आये, और चैन से हम सो पाये। सचिन read more >>
उनकी खामोशियां भी मेरे दिल में शोर करती है। खामोश वो होते है, और बेचैनी मेरी बड़ती है। सचिन कुमार सोनकर read more >>
सचिन कुमार सोनकर मेरे पास आना हो तो सब कुछ छोड़ कर आना। क्योंकि तेरे और मेरे दरमियाँ, हवाओं को भी आने की इजाज़त नही। read more >>
मेरे अल्फ़ाज़ (सचिन कुमार सोनकर) शीर्षक (तेरा मेरा साथ रहे।) माँगी थी जो दुआ वो क़बूल हो गई। जितनी दूर थी तूँ मुझसे उतनी क़रीब हो गई। तेरा म� read more >>
मेरे अल्फ़ाज़ (सचिन कुमार सोनकर) अभी तो सिर्फ पैरों पर खड़ा हुआ हूँ अभी तो चलना बाकी है। लड़खड़ाते पैरों का संभालना तो अभी बाकी है। कभी गिर read more >>
(सचिन कुमार सोनकर ) मेरे पास आना हो तो सब कुछ छोड़ कर आना। क्योंकि तेरे और मेरे दरमियाँ, हवाओं को भी आने की इजाजत नही। read more >>
शीर्षक (कुछ कमी सी है।) मेरे अल्फ़ाज़ (सचिन कुमार सोनकर) तू नही है पास मेरे कुछ कमी सी है। तेरे ना आने से आँखो में कुछ नमी सी है। इस दिल में read more >>
जब मै तेरे लिए इतना ही जरूरी था। तो तू मुझे छोड़ कर गया ही क्यो। क्या तुझे मालूम ना था कि जिन्दगी जीने के लिए साँसों की जरूरत पड़ती है। read more >>
शीर्षक (रह जाने दो।) मेरे अल्फ़ाज़ (सचिन कुमार सोनकर) रहने दो मेरे दिल कि बाते, मेरे दिल में ही रह जाने दो। उन्हें कुछ पल और मेरे साथ बितान� read more >>
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