एक नन्ही सी कली हूं,
मां तेरे आंचल में ही पली हूं,
सिर्फ एक इंसाफ के लिए चली हूं,
वह इंसान जो हक है हमारा ,
फिर क्यों ?
फिर क्यों ?
नोच दिय� read more >>
हिंदी हमारी प्रिय भाषा है,
सीधी सादी शब्दों से सुसज्जित,
कविता, कहानी, दोहा, अलंकार,
सोरठा, छंद, चौपाई ,रस सबसे संगठित हैं, सबको अपनी मेल � read more >>
वतन में लोकतंत्र का राज है ;
छिपा कई राज़ हैंं ,
आ पड़ा चुनाव -
खड़ा अंचल के मीर ;
है पहलवान वीर ,
उम्मीदवार एक से एक बड़ा ;
यह पहलवान अपना ठप्पा read more >>
मत करो नारी पर जुल्म, स्वतंत्रता नारी का अधिकार ।
शायद ये सब भूल गए, है नारी से संसार।
इक रूप में नारी है माता, इक रूप में नारी धनदाता।
इ� read more >>
सांस की उलझी डोर है, मन भी हारा हुआ है;
होगा यही परिणाम अगर तो फिर अपना शान क्या हो?
हे ईश्वर! दे वो शक्ति-की ये जग वरदान सा हो।
अपने-अपनो � read more >>