...शब्द भेद का गुर जो-
लखे सहजे भवसागर तर जाए...
...सांस चक्कर में जीवन-
घुरत फ़िरे एक आवे एक जाए...
...देह-धाम,मन-मंदिर में-
रमता-राम सुरति चढ़ read more >>
आज ही के दिन हुआ भारत अपना आजाद था,
भारत मां के असंख्य वीर पुत्रों में भी एक "आजाद" था।
आजादी के लिए कितने वीर बलिदान हुए,
असंख्य वीर इस स� read more >>