बात करने से ही प्यार हो ए जरूरी तो नहीं
चुप रह कर भी हम प्यार कर सकते है ना
सिर्फ सबकुछ देने से ही प्यार हो ए जरूरी तो नहीं
कुछ ना देकर भ� read more >>
"मेरी डायरी के कुछ पन्ने
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आज बादलों ने बहुत खूबसूरत समां बांध रखा था। सुमधुर पवन मस्त बह रहा है।मेरी नींद सुबह सबेरे प� read more >>
"प्रीत बनकर बह जाओ तुम"
नेह के फूल बिखरा जाओ तुम पास आ जाओ
सुलगती यादों को एक बार तो बुझा जाओ
नेह का प्रेम इस पावस ऋतु में बरसा जाओ
उम्मी� read more >>
आलेख- हम कभी गुलाम थे ही नहीं।
लेखक- जितेन्द्र शर्मा
दिनांक- 11/08/2023
हम अपने देश की स्वाधीनता का 76 महोत्सव मना रहे हैं। अनेक विद्वानों न� read more >>