जिंदगी ऐसा लगता है कि मैं भी तुम्हारी तरह मतलबी हो गई हूं मैंने भी जीने के लिए रास्ते चुन लिए अपने अलग तुम मुझसे दूर हो गई हो मैं तुमसे द� read more >>
अब जो आ गए हो तो दूर जाने की कोशिश ना करो अब उम्र के इस मोड़ पर ना वह समय है ना वह उम्र है ना वह शौक है ना वह कशिश है कि मैं तुम्हें याद करूं � read more >>
न जाने क्यों बारिश के मौसम की तरह तुम्हारी यादें भी जब तक बरस जाती है मुझ पर यूं न तड़पाया करो यादों में आकर कभी मेरी गली भी आया करो यूं ह read more >>
समय गुजरता ही गया हम कहां से कहां आ गए!
न जाने कब बचपन बीता, जवानी गुजरी ,इन हाथों से उम्र के कई वर्ष गुजरे!
पता ही न चला, हम कहां से कहां आ � read more >>
(दोहा छंद)
आया समय चुनाव का,उत्सव जैसा आज।
मुश्किल अब तो दौड़ है,घृणा युक्त है नाज।।
आया समय चुनाव का, गली गली में शोर।
सबके दामन एक सा, � read more >>