[email protected]
Join Us:
Home
Category
कहानियाँ
कविताएँ
ग़ज़ल
गीत
शायरी
आलेख
महत्वपूर्ण सूचनाएँ
Topic
धार्मिक
राजनितिक
प्यार-महोब्बत
हास्य-व्यंग
बाल-साहित्य
समाजिक
देश-प्रेम
दुःखद
साहित्य लाइव सूचनाएँ
अन्य
Videos
Others
Search Articles
Latest Updates
Popular Articles
Testimonials
Video Tutorials
Winner List
How to publish articles
My Account
Login
Register New Account
Forgot Password
Login
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक
20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका
साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस
साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें
Latest Updates
Home
Category
Latest Updates
टूटे बांध विकास का-हुए नागरिक मूक
(दोहा छंद) टूटे बांध विकास के,हुए नागरिक मूक। राम भरोसे चल रहा,दिखे नहीं निज चूक।। टूटे बांध विकास के,छाए बादल भ्रष्ट। जनता में अति छो
read more >>
मन में सुरभित शांति हो-मिल जाए अरु ज्ञान
(दोहा छंद) मन में सुरभित शांति हो, जीवन में हो ओज। पता नहीं किस मोड़ पर,पूर्ण सभी हो खोज।। पता नहीं किस मोड़ पर,मिल जाए अरु ज्ञान। जन्म �
read more >>
सभी शोहरत पास हो-रहे मजबूत हाथ
(दोहा छंद) सभी शोहरत पास हो,रहे मजबूत हाथ। पता नहीं किस मोड़ पर,किस्मत दे दे साथ।। पता नहीं किस मोड़ पर,पूर्ण सभी हो खोज। मन में सुरभित
read more >>
पता नहीं किस मोड़ पर-मिल जाए भगवान
(दोहा छंद) पता नहीं किस मोड़ पर,मिल जाए भगवान। सभी मनोरथ पूर्ण हों,देंगे शुभ वरदान।। पता नहीं किस मोड़ पर, हो जाए उद्धार। इसी आस में मै
read more >>
मिला फरेबी जन यहां-कुचले सबकी आस
(दोहा छंद) मिला फरेबी जन यहां,कुचले सबकी आस। झुलस रहा है आदमी,मिले न अब विश्वास।। झुलस रहा है आदमी,करे खुशी सरकार। लोगों में है वेदना,�
read more >>
जला दिया अरमान को-भूल गई अनुराग
(दोहा छंद) जला दिया अरमान को,भूल गई अनुराग। झुलस रहा है आदमी,महँगाई की आग।। जला झुलस रहा है आदमी,मिले न अब विश्वास। मिले फरेबी जन यहां,�
read more >>
झुलस रहा है आदमी- छलियों का है राज
(दोहा छंद) झुलस रहा है आदमी, छलियों का है राज। वादा झटपट तोड़ते, समझे खुद को बाज।। झुलस रहा है आदमी,मिलता है प्रतिघात। मन जाता है टूट तब
read more >>
मचल रही है वादियाँ-दामन में रख लाज
(दोहा छंद) मचल रही है वादि, दामन में रख लाज। कल किसने देखा यहां, जी लें खिल कर आज।। कल किसने देखा यहां,वर्तमान पर नाज। हंसते गाते रह यहा�
read more >>
अपना भाव उतार दे-लगे निशाने बाण
(दोहा छंद) अपना भाव उतार दे,लगे निशाने बाण। किसने रोका है तुम्हें, करने को निर्माण।। किसने रोका है तुम्हें,खूब लीजिए श्वास। धड़कन को �
read more >>
किसने रोका है तुम्हें-करने को निर्माण
(दोहा छंद) जागृत करें समाज को, करें खत्म अभिशाप। किसने रोका है तुम्हें,रचना रचिए आप।। किसने रोका है तुम्हें,करने को निर्माण। अपना भा�
read more >>
किसने रोका है तुम्हें-अपनी दशा सुधार
(दोहा छंद) किसने रोका है तुम्हें, अपनी दशा सुधार। मन में यह अब ठान ले,लेंगे सब अधिकार।। किसने रोका है तुम्हें, जीवन से कर प्यार। ताकि र�
read more >>
मेरे आखरी वक्त में कह रहा हूं कभी भूल कर भी मोहब्बत ना करना
मैंमैं चाहता तो था तुमसे बात करना दिल तो बहुत था तुमसे मुलाकात करना मैं खुदा खुदा से कहा था बरसात करना मैं चाहता था कोई जिससे जब दिल क
read more >>
« Previous
Next »
Showing
6229
to
6240
of
17435
results
‹
1
2
...
517
518
519
520
521
522
523
...
1452
1453
›
Join Us:
© 2026 |
Sahity Live
®
| All Right Reserved.
A product of
DishaLive™ Group
| Digital Partner:
MyDL.in Website Builder