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(दोहा छंद) सभी बदलाव में लगे, आ जाए अब होश। आया समय चुनाव का, लोगों में भी जोश।। आया समय चुनाव का,उत्सव जैसा आज। मुश्किल अब तो दौड़ है,घृ� read more >>
कभी कभी जीवन में ऐसा पल भी आता है कि मुझे यह लगता है कि मेरे लिए सभी रास्ते बंद हो चुके हैं और अब मैं कुछ भी जीवन में नहीं कर पाऊंगी मैं नि� read more >>
(दोहा छंद) आया समय चुनाव का, पार्टी सब में होड़। अपने अपने ढंग से, बनते सब बेजोड़।। आया समय चुनाव का, करते सभी प्रचार। खूब सभाएं हो रहे, अ� read more >>
आप कहते हैं इतना दिल से प्रेम न किया करो अपने दिमाग से काम लिया करो प्रेम में अत्यधिक भावुक होना ठीक नहीं है अभी बहुत से जिम्मेदारियां � read more >>
(दोहा छंद) बड़े भाग्य की बात है, रिश्ते नाते खास। रिश्तों को रखता बचा, जीवन में है हास।। बड़े भाग्य की बात है, सब साधन है आज। और अभी अरमा read more >>
(दोहा छंद) दिल में चाहत खूब है, होंगें पूरे आस। बड़े भाग्य की बात है,खुशियाँ मेरे पास।। बड़े भाग्य की बात है, रिश्ते नाते खास। रिश्तों � read more >>
सजा के मंडी - गद्दी पे बैठकर ; ढोंग रचा रहा पाखंडी , ले के सब सब से वोट - आघात किया दे के - सब को चोट ; तू भूल गया - अपना परिचय , जो भी है तू - है � read more >>
मुश्किल है कितना तुझे पाना। इस जग में खुद को तुझ से मिलाना। तु दूर नही है मुझसे बहुत जलाता है हमें यू तेरा नजरों से दूर जाना। मुश्किल read more >>
(दोहा छंद) खुशियां घर में नित रहे, गौरव मय है माथ। बड़े भाग्य की बात है, मातु पिता हैं साथ।। बड़े भाग्य की बात है, मनुज वंश में जन्म। सदा read more >>
(दोहा छंद) पर करना है कर्म भी, है यह बात अतीक। राम भरोसे चल रहा, यह तो है बहु ठीक।। राम भरोसे चल रहा, लोगों के विश्वास। धोखे वाले हर कहीं, � read more >>
(दोहा छंद) जनप्रतिनिधि सब मौज में,देखे नव तरकीब। राम भरोसे चल रहा, सेवक सभी गरीब।। राम भरोसे चल रहा, यह तो है बहु ठीक। पर करना है कर्म भ� read more >>
बेटी की जिंदगी, एक उलझन हैं, ना ससुराल हैं उसका, ना मायका, दोनों तरफ से पराई हैं, मन को मार के हैं जीती, कैसी रीत पुरानी है, समझते उसे बोझ, read more >>
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