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अंदाज़- अच्छे लगते हैं मुझे,, क्योंकि अपना भी- जीने का एक अंदाज़ है,, "शक है- मुझे मोहब्बत में, हुक़ूमत का क्या यह फ़ितूर है...!!! -मोती read more >>
उस बदनाम- गली में बिक जाता है, प्रेम चंद सिक्कों के खातिर,, मोहब्बत- का नाम क्यों, बदनाम है चंद लम्हों के खातिर..!! -मोती read more >>
निगाह से निगाह- क्या मिली छाने लगी है नशा,, यह इश्क़ है या- ज़हर ख़ुद को खोने लगा हूं मैं..!! -मोती read more >>
मुझे देख कर पापा के आंखों में आसूं भर आएं हैं। मां तसल्ली रखे हुए हौसला संभाले हुए हैं। खाने के लिए मां मुझे तोते की तरह समझाया करतीं ह� read more >>
ज़रा- इश्क़ हुआ कि नहीं, ज़र्रे-ज़र्रे ने छवि उसी की,, यह- बहती है जो जीवन, की धारा "हर श्वांस उसी की..!! -मोती read more >>
हे एकदंत! हे गजमुखा! हे लंबोदर! हे विनायका! मुझ अज्ञानी की आह सुन हे गणाधिपति गणनायका!! मेरे जीवन की विभावरी में विधु सा धवल प्रकाश हो read more >>
हूँ व्यथित आज मैं सोच के यह, कि कल क्या, कैसा, क्यूँ, होगा? क्या जो है आज, वही कल होगा? या फिर भाग्य ही मुह मोड़ेगा? मेरे उर की उथल पुथल read more >>
हम तो ठहरे मध्यम वर्गी न ऊँचा स्वप्न सजाते हैं। एल० ई० डी० का ख़्वाब छोड़ सौ वटिया को ही जलाते हैं।। न फ्लोर कवर न ए० सी० कूलर न सीलिं� read more >>
एक गाँव के एक उच्चवर्गीय बूढ़े पिता ने अपने पुत्रों के नाम एक चिट्ठी लिखकर खुद को गोली मार ली।  चिट्टी क्यों लिखी और क्या लिखा। यह जान� read more >>
चलो जिंदगी के उतार-चढ़ाव वाले! रास्ते को थोड़ा सीधा कर ले !कुछ हम अपने गम को हल्का कर ले कुछ तुम अपने गम को हल्का कर लो ! ऊंचे नीचे है रास read more >>
कभी-कभी दिल इतना दुखी हो जाता है कि हम किसी से भी अपनी बात शेयर नहीं करना चाहते हैं अपनी सारी बात अपने दिल में ही रखते हैं परंतु यदि हम कि read more >>
हम लोगों से बहुत ही ज्यादा अपेक्षा रखते हैं परंतु कभी-कभी यह अपेक्षा ही हमारे दुख का बहुत बड़ा कारण बनती है मेरा मानना है कि हम जितनी जल read more >>
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