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मिले हैं जख्म तो मरहम लगाना सीख लेंगे हम, हवाओं के रुख़ को खुद ही मोड़ना सीख लेंगे हम। ​अभी सूरज ढला है, रात की मुट्ठी में अंधेरा है, सह� read more >>
ये जो चेहरे पे चमक है, ये सदा रहने की नहीं, वक्त की लहर है साहब, ये रुकने की नहीं। ​कांच के घर में रहकर पत्थर से मोहब्बत कैसी? ये जो मिट्ट� read more >>
चाय और पीयू ऐसा दौर आया, शायर को जगाने फिर कोई शायर आया।। read more >>
एक था दीया, एक बाती। जीवन रोशन करते, बन जीवन साथी। दीये हिये प्रेम से, लवलीन बाती। हवा हलराती बातें करती, आती-जाती। दीया हिये से उ� read more >>
मेरा लिखा हर अल्फाज तेरा मुकद्दर बन गया, अब इस गालिब का हर ख्याल मेरी मन्नत का समंदर बन गया ।। read more >>
हर बार उम्मीद टूटी , ऐसी कोई जंजीर फिर रूठी ।। read more >>
दुनिया को फतह करने का अरमान न पाल तू, पहले अपने मन के अंधेरों को ढाल तू। ​बाहर तो मिल जाएँगे लश्कर तुझे कई, अंदर जो चल रही है, वो जंग संभ� read more >>
ख्वाब का समंदर फिर टूटा है, ऐसा ही शीशा फिर एक बार छूटा है ।। read more >>
भीड़ की आवाजों में, अपना राग कहीं खो न देना, दुनिया के तराजू में, खुद के ख्वाबों को मत तोलना। कोई कहेगा पत्थर तुमको, कोई कहेगा कांच यहाँ, � read more >>
लिखने बैठूँ तो ज़माने भर के मंज़र कम हैं, मेरी आँखों में जो छुपे हैं, वो समंदर कम हैं। ​जिन्हें डर है कि बयाँ करने से शब्द घट जाएँगे, वो read more >>
आज अलार्म को मैंने, ज़ोर से डाँटा है, सपनों की चादर को, थोड़ा और बाँटा है। भाड़ में जाए दुनिया, और दुनिया की ये दौड़, आज मैंने खुद को, 'Do Not Dist read more >>
नम आंखे गम बन गई, गम मेरी तन्हाई बन गई, तन्हाई मेरी तकदीर बन गई, तकदीर मेरी तस्वीर बन गई, तस्वीर मेरी रुसवाई बन गई, रुसवाई मेरी भरपाई बन गई read more >>
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