जब से जीवन में आते हो,
पग पग पर फूल बिछाते हैं।
उस बात पर तुम मुस्काते हो,
जिस बात पर हम घबराते हैं।
कहने को सब कुछ तेरा है,
जो मिटा नहीं व read more >>
मेरे अंतर का सुख
मेरा दुख कैसे!
जीवन के अनमोल बिंदु से,
मैं विचलित कैसे!
संशय और समाधान में,
बिखरा जीवन पल पल,
समय अगर रुक जाए तो,
ना सोच� read more >>