वक्त की गर्द में आज अगर तू खोया है,
मुसीबतों के कांटों को अगर तूने बोया है,
तो घबरा मत, ये बादल भी छंट जाएंगे,
आज जो मुश्किल हैं, वो कल सवे� read more >>
राहों में कांटे होंगे ही, पैरों में छाले आएंगे,
मंजिल की धुन में राही, कई बार डगमगाएंगे।
गिरना कोई हार नहीं, ये तो बस इक विराम है,
जो गिर� read more >>
कलम चाहे हज़ार हों, पर बात क्या होगी?
जो शब्द ही न पास हों, तो शुरुआत क्या होगी?
सजी हों अलमारियाँ, पर रूह ही न हो,
तो कागज़ों के साथ फिर, मुला read more >>
पत्थर की मूरत को छप्पन भोग लगाते हो,
सोने के गुंबद पर तुम चांदी चढ़ाते हो।
वो तो जगत का स्वामी है, उसे क्या कमी है?
असली जरूरत तो यहाँ, आँ� read more >>
शून्य होता जा रहा हूँ,
पता नहीं जिंदा हूँ या मरता जा रहा हूँ ,
सूरज की भाति रोज निकलता हू शाम को लौट आता हूँ ,
मौन होता जा रहा हूँ ,
शून्य ह� read more >>