बीते रे दिन-ओ-रैन, गया क्षण-क्षण ये जीवन,
आती-जाती सांस में, छुपा बैठा है राम।
खोया रहा तू उम्र भर, इस माया-नगर में,
देखा न दिल को चीर कर, ज read more >>
"ये दिन-रात गुज़र रहे,
वक्त पल-पल गुज़र रहे,
देख जीवन की ये अनोखी लीला,
ये तो बस श्वासों में गुज़र रहे!
न कुछ ठहरता है यहाँ, न कुछ रुकता है read more >>