ये रूठना , ये मनाना, अब रहने दो.....
तुम सही , मैं गलत.....
जो भी हैं अब रहने दो.....!!!
अब तो अच्छा है आंखों का बंजर हो जाना....
होठों पर सजी ख़ामोशी,अब read more >>
हमने भी देखे अपने हजार है
अपने के भेष में छिपे सारे गद्दार हैं....
देखकर मुश्किल हैं ये कह पाना......
कौन कितने वफ़दार है......
चेहरे पे लगे चेह� read more >>
की मेरी ख़ता बताएं कोई .....
जो दर्द मिली उसकी दवा बताएं कोई ...
मैंने जैसी ज़िंदगी गुजारी उनके साथ, उनको तो शुक्रिया करना चाहिए था ना...???
ये � read more >>
मैं तपती हुई रेत की प्यास हूँ...!
पर जब आँखों से छलकूं तो ,
ऐहसास ख़ास हूँ.....!
मैं गहरी नींद का सुकुन भी हूँ ,
और जागती आस भी....
टूटकर जो बिखर � read more >>
सब कुछ आजमाकर , बैठ गई मै हारकर..
खुशियाँ किनार कर , उदासी में आकर..
भूल गई खुद को ही इश्क का करोबार कर..
ले ली मायूसी , मुस्कुराहट उधार कर ....
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