दिल से दिल में बहती, प्यार की मीठी सिहरन,
सीने के रेशों में, छुपी कितनी बातें अनगिनत।
हृदय से हृदय मिलकर, सपनों की नई गाथा बुनते,
एक नया � read more >>
(Verse 1 – Soft)
चल पड़े हैं रास्ते फिर से पुकारते,
टूटे सपने भी आज साथ चल पड़े।
धूप है तो क्या हुआ, छाँव बन के तू बढ़,
हार के भी जीता है, जो खुद से क read more >>
मेरे ताबूत में न केवल मेरा शरीर आखिरी बार जलेगा, बल्कि मेरा पाना और न पाना, असंख्य हंसी और आंसू, सपने, प्यार, ये सब हवा के साथ गायब हो जाएं� read more >>
आज भी मोती सा चमके दिल की कोठरी में कहीं। आज बस बेबस खड़ा हूँ,
जैसे कुछ रहा ही नहीं। दर्द से थका, हारा मन, अशांत, व्याकुल है आज। भ्रमित जीव read more >>