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নৈ
নৈ তোৰ সৰ্পিল গতি মোৰ ভাল লাগে তোৰ সেই জিৰণী ঠাইকণ, মোৰ ওচৰ পৰা হেঁপাহ পলুৱাই চাব মন যায়। আজি �
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নিসঙ্গ
ভাহি আহে তোমাৰ মুখ খনি পুৱাৰ জেউতি কিৰণত, মই আজি নিসঙ্গ ভাগৰোৱা জীৱনৰ প্ৰতিটো খুজত।
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“हौसला”
थक जाना गुनाह नहीं, पर रुक जाना हार है। गिरकर बैठ जाओ तो लोग पूछेंगे— “कितना कमजोर ये असर है?” पर जब फिर उठकर चलोगे, तो वही लोग कहेंगे—
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चाँदनी
चाँदनी हाथों में लिए तुम आना मेरे अंधेरे दिल में, रोशनी बिखेराना। दिल ये मेरा, अँधेरों का घर है, तुम आना बनके सुबह, हर गम को हरना।
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मोमबत्ती
अगर मेरे दिल की मोमबत्ती तूफ़ान में बुझ गई है, क्या तुम आकर उसे जलाओगे?
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POEM পল
পলে পলে উৰি যায় সময়ৰ ডেউকা, স্মৃতিয়ে সাঁচি ৰখা জীৱনৰ ধূসৰপৃষ্ঠা। আজন্ম প্ৰেমিকৰ হৃদয়ে
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अंतिम बेला
यदि अंतिम बेला आए धीरे और न जागूं मैं कभी फिर, तुम रहोगी पास, हाथों में हाथ? सो जाऊँगा मैं अनंत रात।
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জীৱনৰ ৰণ
জীৱন ৰণত যদি মই পৰোঁ ভাগৰি আই তই বুকুৰ মাজতে লবিনে সামৰি। জীৱনৰ মুকুতি পথ যদি
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खोया हुआ चाँद
तेरे सपनों का राजकुमार बनकर दिखाई दूंगा बादलों के पार, बारिश बनकर उतर आऊँगा बेचैन दिल में..,
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ভাগৰ
ভাগৰ জীৱনৰে বাট চকামঁকা এচাটি পোহৰ আগচিব খুজে এন্ধাৰে দুভৰিত লাগে ভাগৰ। বুকুতে এমুঁঠি সপোন ভাৱনাত বুৰ যোৱ�
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मै तो बर्बाद भी मुस्कुराकर हुआ हूँ
मै तो बर्बाद भी मुस्कुराकर हुआ हूँ मै खुद पर हँसता हूँ मुझे नुकसान पहुँचाने वाले जा तू मुझ पर नहीं मै तुझ पर हँसता हूँ
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रास्तों के कांटे
“रास्तों के कांटे” रस्तों में कांटे बिखरे हों, तब भी पैर बढ़ाना है, लेकिन कांटे ही बिखरे हों - तो बेहतर हट जाना है। इतना भी क्या आशावाद
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