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आकाश अगम

आकाश अगम

आकाश अगम

@ aakash-agm
, Uttar Pradesh

जीवन की इस आपाधापी में बिखरती जा रही श्वांसो को समेटने की कश्मकश में भरभराते कंठ से गुनगुनाता एक लड़का, जिसे लगता है कि जिस दिन पूरी तरह से कवि हो जाएगा, मर जाएगा वो और जी उठेगी उसकी मनुष्यता!

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My Articles

या तो देखो मुझे या झुका लो नयन यूँ झुका कर न पलकें उठाया करो सर्दियाँ हैं हो जाऊँगा बीमार , मत अपनी बातों में मिश्री मिलाया करो। थे रँ� read more >>
चैप्टर - 1 उनका जन्म 2 अक्टूबर को हुआ था संभवतः इसीलिए वे स्वच्छता अभियान से अत्यधिक प्रभावित थे । सौभाग्य से वे जहाँ निवास करते थे उस स read more >>
तू अगम कोई अनोखा है नहीं इस विश्व भर में घुट रहा है , शीश के नीचे कोई कन्धा नहीं है।। ईश ने सबको दिया अधिकार जब स्वच्छन्द का तो कोयलें � read more >>
तेरा मन , बेशुमार दे देना जिस तरह चाहे प्यार दे देना मैं ग़ज़ल को बनाऊँगा दुल्हन बस मुझे ग़म उधार दे देना।। कामना को निराश करता हूँ म� read more >>
छोड़ते विष बाण , जलती क्रोध रूपी आग प्रतिक्रिया दे कर लगा लूँ स्वयं यश पर दाग राग बिन, मुख से निकलता अनवरत ही फाग नष्ट हो जाता हृदय से उस read more >>
इस विशाल अम्बर पर कैसा गहन तिमिर छाया है भारतवर्ष सरोज , सिंह क्यों इतना कुम्हलाया है नए सिला लो वस्त्र पुराने आज खोलने आया सुनो अगर � read more >>
नए उस ज़ख़्म को आने दो, वो मेरा दिवाना है उसे मेरे पुराने ज़ख़्म पर मरहम लगाना है।। ये टुकड़े देख कर जानाँ , न उलझो तुम सवालों में मेरी तस्� read more >>
जितना भी रूठो तुम जितना भी चीखो तुम अपनी करवाने को क्या क्या ना सीखो तुम आदत में जितना निखार आयगा उतना दिल को तुम पे प्यार आयगा।। � read more >>
मोसों रार न देखी जाय। देस, विदेस, और हर घर में फूट परी दिखलाय।। जा दिन तै हौं जनम लियौ है , नेह न पायौ हाय। नेह कछू छन, बिष पूरे दिन , अत� read more >>
तुम्हारा दे न पाया साथ खुल कर चला हर बार मैं रस्ता बदल कर मग़र मुझको लगी छोटी सी ठोकर कहा तुमने, "मेरे यारा सम्भल कर" मुझे शर्मिंदगी read more >>
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