Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें

आकाश अगम

आकाश अगम

आकाश अगम

@ aakash-agm
, Uttar Pradesh

जीवन की इस आपाधापी में बिखरती जा रही श्वांसो को समेटने की कश्मकश में भरभराते कंठ से गुनगुनाता एक लड़का, जिसे लगता है कि जिस दिन पूरी तरह से कवि हो जाएगा, मर जाएगा वो और जी उठेगी उसकी मनुष्यता!

  • Followers:
    3
  • Following:
    3
  • Total Articles:
    65
Share on:

My Articles

राह में जो मिले कहूँ उससे मैं तुझे ही तो प्यार करता हूँ जो किसी के शिकार बन बैठे मैं उन्हीं का शिकार करता हूँ।। जब दया ख़त्म हो मेरे भी� read more >>
बनेगा तू मेरा भगवान , नज़र में आ जाये सम्मान। प्रेम तेरा हो ज्यों हिमपात नहीं हो तेरी कोई जात नहीं तू कर मुझसे ही बात सभी पर कर समान बर read more >>
जय महादेव जय गंगाधर जय जय जय जय जय शिव संकर रुद्राक्ष हस्त के बंद, शीश निज चन्द्र, कण्ठ लटका विषधर।। नटराज महान नृत्य तांडव डम डम डम ड� read more >>
पूँछा घरवाली ने जो मैं बहुत देर से आया मुझे बताओ समय अधिक यह तुमने कहाँ लगाया मेरे मन में अगले पल एक ख़याल उभर आया जल्दी जल्दी मैंने उस read more >>
किसको अपना दुश्मन कर लूँ किसको अपना यार करूँ समझ नहीं आता है मेरे किसको कितना प्यार करूँ।। फ़ोन करो तो वो कहते हैं नालायक को काम नहीं read more >>
निखर गया हूँ किया जबसे प्यार इक तरफ़ा। वो ज़िन्दगी जो न रंगों की जानती थी महक जो रख सकी न तअल्लुक़ कभी सितारों से वो रोज़ रंग भरे ख़्वाब देख read more >>
रोज़ नहीं मिलती है फुर्सत जो मैं कर लूँ बात प्रिये गुज़रा बचपन गा पाने में गुज़रे सारी रात प्रिये।। भाई हो कर साथ नहीं था कैसे खेले क्य� read more >>
नहीं मैं गीत सारे डायरी में लिख नहीं सकता रहा जाता नहीं है और चुप मैं रुक नहीं सकता हृदय धड़कन बढ़ाना मत गिरूं तो हाथ दे दोगे मैं मंचों प� read more >>
आँसुओं का व्यर्थ ही रिसाव लिख रहे नहीं ज़िन्दगी का आइना किताब लिख रहे नहीं।। रास्ते जो मिल सके न दर्द शब्द शब्द में प्यार में मिला है � read more >>
कागज़ पर भाव गढ़ाता हूँ मैं कवि सिसकी भर गाता हूँ अँधियारे में रहता हूँ पर जग को प्रकाश पहुँचाता हूँ जीना है मेरे संग तुम्हें सहना � read more >>
Join Us: