जब जीवन भाग-दौड़ से थक जाता है,
मन भ्रम और चिंता में उलझ जाता है,
तब कृष्ण की वाणी फिर याद दिलाती है—
"कर्तव्य करो, बस कर्म निभाते जाओ।"
न read more >>
अंधेरों में जब लोभ पनपता है,
जब रिश्वत का खेल जम जाता है,
तब न्याय की आवाज़ बनकर,
ACB का दीपक जल जाता है।
जब झूठ और धोखे की दीवारें,
ये साह� read more >>
आज के युग में लोग
जाति के नाम पर लड़ रहे हैं,
पर उन्हें क्या खबर…
कि वे अपने ही समाज से दूर हो रहे हैं।
भाई-चारे की डोर
अब नफरत से टूट रह� read more >>