कारगिल युद्ध में भारतीय सैनिक, कई शत्रु सैनिकों को हताहत करता हुआ, अंत में घायल होकर धरती पर गिर जाता है तथा पवन के माध्यम से वह अपने घर � read more >>
चक्कर है साहब, पड़ ही जाता है।
राई का बन जाता पहाड़, गढ़ी बन जाता है गढ़।
पाठा का नाटा बन जाता, पहाड़ का बने कंकड़।
मकड़ी फंसती मकड़ -जाल, read more >>
हां, ज़माना बदल रहा है।
यह,समाज को छल रहा है।
बच्चे, दादा-दादी के, सानिध्य में रहते थे।
एक था राजा, एक थी रानी, किस्से सुनते थे।
बहन, बेटी � read more >>
कांच के कंगूरे, कांच की दीवार।
रहने वाले कांच के, कौन करे पत्थर से वार?
इस दुनिया में कांच के, चिरक ढांस हैं घर।
रहने वालों में, अजीब -सा स read more >>