आपसे दूर, चाहे शरीक हूं।
मैं जैसा भी हूं, ठीक हूं।
छोटा- बड़ा, अच्छा- बुरा जैसा भी हूं।
पर मैं, मैं हूं, चाहे कैसा भी हूं।
मेरे जैसा, दूसरा read more >>
पसीने की क़ीमत, किसने आंकी?
हाथ कुदाली, सिर पर परात, दिखती श्रम की झांकी।
पसीने से ही, धरती का दामन पसीजता है।
चोटी से एड़ी का पसीना, धरा � read more >>
अपनी-अपनी नाप लो, अपनी-अपनी लो तोल।
खेल है औक़ात का, औक़ात का है मोल।
आज जो जहां खड़ा, पड़ा, मिली जीत या मात है।
फूलों का हार पड़ा गले, चाह� read more >>
इस मामले में, मैं ग़रीब हूं।
मेरे पास, छल -कपट की दुकान नहीं है।
उधार ली हुई, ज़बान भी नहीं है।
मेरे पास, बेईमानी की खदान नहीं है।
ढोंग-प� read more >>
हर रोज़ करते, करता है हर एक।
नमस्कार, तेरे रूप अनेक।
तहज़ीब, तहेदिल से किया, कुंदन रूप है।
मतलब का माना जाता, जब दिन में रात, रात में धूप ह read more >>