तेरी याद जब भी आती है
आंखों से आंसू छलक ही आती है...!!
मैं रोती नहीं पर अंदर से कोई रो लेता hai
दर्द तो बहुत होता है पर इस दर्द का
जख्म कहीं नज read more >>
कलम चाहे हज़ार हों, पर बात क्या होगी?
जो शब्द ही न पास हों, तो शुरुआत क्या होगी?
सजी हों अलमारियाँ, पर रूह ही न हो,
तो कागज़ों के साथ फिर, मुला read more >>
पत्थर की मूरत को छप्पन भोग लगाते हो,
सोने के गुंबद पर तुम चांदी चढ़ाते हो।
वो तो जगत का स्वामी है, उसे क्या कमी है?
असली जरूरत तो यहाँ, आँ� read more >>