હવે તારી સ્મૃતિની એ, અસર મારે નથી રાખવી,
જ્યાં કદર ના હોય મારી, એ ડગર મારે નથી રાખવી.
હતી જે દર્દની મોસમ, હવે એને વિદાય આપું,
ભીની આ આંખ� read more >>
એને એમ કે સાથ છુટી ગયો એટલે પ્રેમ પતી ગયો,
ભ્રમ એનો આ હાથ છુટી ગયો એટલે પ્રેમ પતી ગયો.
નજરથી દૂર થવું એ તો સમયની એક ચાલ હતી,
એ સમજી કે રસ� read more >>
वो मोहब्बत ही क्या जिसमें खुद को खोया न जाए,
वो शहादत ही क्या जिसपे देश रोया न जाए।
दहेज में माँ ने दुआएं दीं और पिता ने हौसला,
सरहद पर ब� read more >>
वो कहते हैं चमक देखो, दीवारों का निखार देखो,
इन सोने की सलाखों में, तुम शाही ठाठ-बाट देखो।
हर दाना है मोती जैसा, हर बर्तन है चांदी का,
पर म read more >>
उठो कि अब विश्राम नहीं,
रुकना तेरा काम नहीं।
समय की धारा को मोड़ दे तू,
हर पुरानी बेड़ियाँ तोड़ दे तू।
न हार का गम, न जीत का मोह,
बस कर्म मे� read more >>
हथेली की लकीरों में छुपा, कोई राज नहीं होता,
जो झुक जाए तकदीर के आगे, वो सरताज नहीं होता।
माना कि वक्त की लहरें, कभी विपरीत बहती हैं,
मगर � read more >>
न कोई चूक हुई मुझसे, न कोई अपराध किया,
फिर भी वक्त ने सजा सुनाई, ये कैसा न्याय जिया?
मैंने बोए थे फूल सदा, काँटों का उपहार मिला,
निर्दोष खड़ read more >>