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मां आखर सूं मुंह भर ज्यावै, मां नै देख्यां मन हरसावै। मां रौ करज उतर ना पावै, फरज आपणो बढतो जावै। मां धरणी अर मां ही जरणी, पग-पग माथै दुख read more >>
किसी को अपनी पूरी दुनिया बनाना ठीक नहीं, वो साथ तो चले, मगर मेरी ज़मीन कहीं नहीं। रिश्तों की उड़ान हो खुली हवा की तरह, एक ही पर टिकी रहे read more >>
खुदा तेरी रहमत दा नूर आया है , अब न जाने किसके हिस्से का गरुर , मेरे हाथ दी लकीरा बीच आया है ।। read more >>
किसी को अपनी पूरी दुनिया बनाना ठीक नहीं, वो साथ तो चले, मगर मेरी ज़मीन कहीं नहीं। रिश्तों की उड़ान हो खुली हवा की तरह, एक ही पर टिकी रहे read more >>
ख्वाबो के किस्सो का मंजर आया है, खुदा ही जाने अब किसके हिस्से समंदर आया है ।। read more >>
गम को गम मिला, ऐसा भी क्या हुआ तुमको , जो हमको हम सा न मिले ।। read more >>
तेरे जाने से ज्यादा कुछ नहीं बदला पहले बेवजह मुस्कुराते थें अब मुस्कुराने के लिए वजह ढूंढते हैं..!! धन्यवाद🙏🏻 read more >>
समय बड़ा अनमोल है, इसे यूँ ही न गँवाओ तुम, बर्बाद भी करना हो तो, किसी ख़्वाब पे लुटाओ तुम। सिक्कों में नहीं तौला जाता, दिलों में बसता है � read more >>
आती है तो आने दो, आना उनका काम। कसकर बांँध लो मुट्ठी में, क़दम लहरों के वाम। बन लहरी लहरों को, अपने कर लो नाम। हारा कहलाए बेचारा, चल व read more >>
लिख दूं , ऐसा कोई मंजर आया है , अपनो ने अपनो को डूबोया है , ऐसा ही कोई नया समंदर आया है ।। read more >>
शून्य होता जा रहा हूँ, पता नहीं जिंदा हूँ या मरता जा रहा हूँ , सूरज की भाति रोज निकलता हू शाम को लौट आता हूँ , मौन होता जा रहा हूँ , शून्य ह� read more >>
ख्वाबो की बस्ती का समंदर हूं मै, अपनी उलझन मे उलझा मंजर हूं मै ।। read more >>
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