• जो मर गया अंदर मेरे
• वो जीना चाहता था
• जो दिखा ना सका और तुम्हारी नज़र भी ना गई
• उन सारे ज़ख्मों को खुद से वो सीना चाहता था
• बहुत च� read more >>
कद्र ना की जिसने वक़्त की आज
क्या वक़्त भी कल उसकी कद्र कर पायेगा
ये तो विधि का विधान है, इसे कौन बदल सकता है?
कि जैसा बीज बोएगा तू, वैसा ही � read more >>
जैसे आईना में जब एकबार खरोंच आ जाए तो
वो पहले की तरह नहीं हो सकता ...!!
वैसे ही जब कुछ रिश्ते में कड़वापन आ जाए
तो उसमें कभी मिठास नहीं घुल read more >>
વહેંચવા તૈયાર બેઠી જિંદગી આખું નગર,
શરત છે એટલી જ કે, તું પાત્રતા કેળવી તો જો.
સાગર મહી મોતી ઘણાં છે, હાથ એના જ જશે,
ડૂબવા જેવો મહીં, તુ� read more >>