की मेरी ख़ता बताएं कोई .....
जो दर्द मिली उसकी दवा बताएं कोई ...
मैंने जैसी ज़िंदगी गुजारी उनके साथ, उनको तो शुक्रिया करना चाहिए था ना...???
ये � read more >>
मैं तपती हुई रेत की प्यास हूँ...!
पर जब आँखों से छलकूं तो ,
ऐहसास ख़ास हूँ.....!
मैं गहरी नींद का सुकुन भी हूँ ,
और जागती आस भी....
टूटकर जो बिखर � read more >>
सब कुछ आजमाकर , बैठ गई मै हारकर..
खुशियाँ किनार कर , उदासी में आकर..
भूल गई खुद को ही इश्क का करोबार कर..
ले ली मायूसी , मुस्कुराहट उधार कर ....
� read more >>