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Rupesh Singh Lostom

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My Articles

तेरी तस्वीर का करू ना बोलती हैं सुनती हैं कुछ कहती भी नहीं सिर्फ देखती हैं वो भी घूर के तेरी आँखों में वस जाऊँ क्या तू कहे तो तेरा ब read more >>
यार मुझे इश्क़ हैं तुझ से मैं सच कहता हूँ तेरी कसम तू चाहे तो आज़मा ले ममी पापा को बता दे या मुझे समाज में रुशवा करा दे मैं आशिक़ हूँ तेर� read more >>
आँचल के आँच से पिघल जायेगा तेरा कोमल नाजुक बदन अंगड़ाई लेती बे खौफ बेखबर नयेन किसी दिन भाग जाएगी ले के चैयन निगोड़ी जुल्फ तेरी बदनाम read more >>
इश्क़ की कोई बजह होती हैं प्यार क्या गजब होती हैं जब से देखा हैं सुना हैं तुझे सायद मोहब्बत तेरे जैसी ही होती हैं सच में तू मन मोहती � read more >>
अगर ऐसा होता तो सोचो कैसा होता तू तू ना होती मैं मैं ना होता तू मैं मैं तू होता तो सोचो तू साथ होता पास होता सोचो कैसा एह्शाश होता अ read more >>
समां जलाये रहो ख़ुशी के गीत गुनगुनाते रहो गम आए जाये सदा मुस्कुराते रहो दिन सा ढल जायेगा ये भी करवा बस महेशा सर उठा के जिओ रंग र� read more >>
मैंने देखा हैं उसे वक्त को हराते आशमा झुकाते गुथियाँ सुलझाते कठिन मार्ग में रास्ता बनते मैंने देखा हैं उसे लहरों पे आशिया बनात� read more >>
प्यार हैं तो पर धोका ज़्यदा रोज़ नए नए बहाना देता हैं कहानिया बुनता हैं नादानियाँ करता हैं रात भर जगाता हैं बिना बात रुलाता हैं प्य� read more >>
ऐ चल कुछ अजब करते हैं गजब करते हैं थोड़ा सितम करते हैं साथ मिल के कुछ सनम करते हैं कुछ पल ही सही थोड़ा पल बिताते हैं ये चल तो जमी से थ read more >>
बिना जुल्म के ही जुल्म सहे जा रहा हूँ उसकी ना इंसाफ़ी का जहर यु ही पीए जा रहा हूँ अब तो हद हो गई हद की मालूम नहीं क्यों यु ही जिए जा रहा read more >>
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