कहीं दूर से आवाज है आई,
कभी तो अपने लिए जी ले मेरे भाई।
खुद को नीलाम कर जो जमा की है तूने पाई -पाई,
एक दिन दुनिया छोड़ चला जाएगा तू,
यही रह � read more >>
कहीं एक खालीपन था, जो भर नहीं पाया,
एक चेहरा अपना–सा था, जो सच में अपना बन नहीं पाया।
सुबह की पहली धूप में भी तेरी ही कमी सी लगी,
भीड़ के ब� read more >>
तू गई तो दिल के शहर में सन्नाटा सा छा गया,
हम मुस्कुराना भी चाहें तो रोना आ गया,
कहते हैं जुदाई वक़्त का इम्तिहान लेती है,
मगर तुझ बिन हर � read more >>