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ક્યારેક હળવા ફૂલ છે, તો ક્યારેક ઘા કરી જાય છે, આ શબ્દો જ છે જે શ્વાસમાં ધબકાર ભરી જાય છે. ​નથી હોતું કોઈ શસ્ત્ર કે નથી હોતી કોઈ ધાર એમાં, read more >>
"मैं कुछ बेहतर नहीं लिखता" मैं कुछ बेहतर नहीं लिखता यूं ही जिस ओर देखता हूं, दर्द में डूबे लोगों की "आह" जब भीतर उतरती है निकाल लाती है व read more >>
"फिल्म वेलकम टू उत्तराखंड" फिल्म"वेलकम टू उत्तराखंड", को इतना प्यार,सहयोग देने व सराहना करने हेतु सभी दर्शकों का तहे दिल से शुक्रिया। द read more >>
"पंजाबी गीत" आई यार बैसाखी..... आई यार बैसाखी आई यार बैसाखी अखियां है नूर दी प्यासी आई यार बैसाखी आई यार बैसाखी........ 1- पिंड पिंड मेले read more >>
"क्यों तरसता तरसता है आदमी", इस बड़े शहर की क्या कहूं दास्तान ना पेट में खाना है ना है सर पे मकान तन पे कपड़े नहीं सामने है दुकान कैसे ज� read more >>
जो चला गया उसके लिए रोना क्या..?? जो है उसे संभाल कर जीना सीखो..!! धन्यवाद read more >>
अजीब है ना... कल जो कहा करते थें कभी छोड़ कर नहीं जाऊंगा..!! आज छोड़ के जाने के कतार में सबसे पहले वही लोग आते हैं..!! Thanks read more >>
-: "मेरे पिता" :- पिता एक व्यापक और विस्तारित शब्द है उनके जैसा कोई और नहीं हो सकता। पिता विशाल सागर होते हैं। बहुत सारी मुश्किलें झेलने � read more >>
छप्पर वाले.... छप्पर वाले यार पुराने आंगन में औस टपकती रात सिराहने आंगन में चादर में ढकता हूं तन जैसे तैसे कैसे सोऊं रात बिताने आंगन मे read more >>
"रूह"मैं क्षणिक क्षण भुंगर नहीं मैं यथार्थ सत्य हूं किन्तु तुमको दीख ता जो मैं वही असत्य हूं' हूं चराचर में रमा क्या कोई मुझको जानता ह� read more >>
किसी से अब कोई शिकवा नहीं,गिला नहीं...... जो मेरा नहीं था शायद वो मुझे मिला नहीं....!!! read more >>
जो मुझे नहीं समझा वो मेरी खामोशी को क्या समझेगा ...!! जिसे हर बात पर गलत मैं...... लगी वो मुझे क्या सही समझेगा..!! धन्यवाद read more >>
शायद ......!! हम किसी के लिए इतना इंपॉर्टेंस भी नहीं है जितना हम समझते हैं यही हमारी गलती है कि गलतफहमी में जीते हैं...!! धन्यवाद read more >>
लगता है इंसान होना पाप से है कम नहीं तार है इंसानियत इंसान को है गम नहीं क्या सही है क्या ग़लत न तौलता इमान को मार कर इंसानियत को पालत� read more >>
जिम्मेदार बन जब तू अश्रु बहाना चाहे, रोक लेना उसे, कंही बाहर ना आ जाए, अंतरात्मा को अपनी तुझे, उस अश्रु बिंदू से ही स्वच्छ करना होगा, त read more >>
માત્ર બેસી રહેવાથી કંઈ વળતું નથી, પરસેવો પાડ્યા વગર ભાગ્ય ખૂલતું નથી. ​ડિગ્રીના કાગળ તો માત્ર એક રસ્તો છે, આવડત વગર મંજિલનું સરનામુ� read more >>
"बुद्ध बनूंगा" ज्ञानवान आत्म का स्वामी तपकर अंतर शुद्ध बनूंगा माता मैं भी बुद्ध बनूंगा घटा कोप इस कालखंड को चीर भोर का पुष्प खिलूंग read more >>
*महात्मा बुद्ध को आत्मज्ञान* जिस कुमार के जन्म दिवस पर, पिता ने पुत्र का नाम रखा सिद्धार्थ था, जिस का उद्देश्य पूर्ण हो गया हो, उनके ना� read more >>
शीर्षक: ख्वाबों का आशियाँ गमगीन है जिंदगी कुछ पल की, मुस्कुराकर गले लगाती हूँ दो पल की इस जिंदगी में, मैं ख्वाबों का आशियाँ सजाती हू� read more >>
शीर्षक: मेरा इश्क इबादत बन जाए ​सब्र इतना रखो कि, इश्क मुकम्मल हो जाए, इश्क बेहूदा न बने, मेरा इश्क इबादत बन जाए। ​ इश्क इबादत ऐसे बने, read more >>
पहली नज़र में कुछ तो हुआ था, जैसे वक़्त ने खुद को थाम लिया था… तुम सामने थे या कोई ख़्वाब था, दिल ने पहली बार कुछ नाम लिया था। तुम्हारी आ� read more >>
વીતી રહ્યો જે વક્ત એને, પ્રેમથી સંભાળ તું, રેત માફક હાથમાંથી, જાય ના સરકી બધું. ​ક્યાં ખરચાયું આ આયુષ્ય? એનો જરા હિસાબ કર, વ્યર્થ વાતોમ read more >>
क्या मिल जाता है......??? ख़ुद को खोकर किसी और को पाने से .........?????? ख़ुद को दुःखी कर किसी और का ख़्वाब सजाने से....... मिल जाता है सबक शायद इसी बहाने � read more >>
तन्हाई के आलम में साथ रहने की बात करते हो, मैंने कब तुमसे रूह का साथ माँगा था—तुम कमाल करते हो। आओ तुम्हें मिलाऊँ उन चंद लम्हों के हम� read more >>
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