Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें
Certificate is not issued to the author at present. Minimum 10 articles should be published on Sahity Live website to get the certificate.

Rupesh Singh Lostom

  • Followers:
    7
  • Following:
    7
  • Total Articles:
    275
Share on:

My Articles

तुमसे मोहब्बत है मुझे हर इक वजह से पहले, तुम मेरी ज़रूरत हो हर इक ज़रूरत से पहले। दीवानगी क्या चीज़ है, ये लोग क्या जानेंगे, मैंने तुम् read more >>
बांध सके कोई तो हो जो रिश्तों में बांध सके झूठा ही सही अपना मान सके दिल का खत्ता भी क्या था जो वो रुठ गए प्यार कोई गुनाह तो नहीं जो वो � read more >>
सजने बाले महफ़िल में सजने बाले आज महफ़िल सजाते हैं बाजार में बे मोल चीज आज बिक जाते हैं गुलाब कहा आज गुलशन में खिल पता हैं आज तो गुलाब ह read more >>
इश्क़ क्या हुआ तुम से इश्क़ क्या हुआ हर चीज पुराना लगता चाँद तारे और ये रुत हर हुस्न बचकाना लगता तुझे पा कर पा लिया जीवन के अमोल सित� read more >>
तू नदिया होती तो तू नदिया होती तो मैं नाविक बन जानता दोनों तैरते साथ साथ कही किनारा मिल ही जाता आशमा अपना धरती अपनी अपना ही होता द� read more >>
अब क्या करे आज तो अजब हो गया सच कहु तो गज़ब हो गया आज यार के मुखड़े का दीदार हो गया सच कहु तो मुझे मुझसे ही प्यार हो गया मुखड़ा उसका चं read more >>
जी लेना तुम लोग मिलते हैं बिछड़ जाते हैं पर उन खट्टी मीठी यादों को संजोय लेना तुम लोग अक्सर भूल जाते हैं मगर उस लम्हों को जी भर के जी read more >>
सपने धूमिल हैं सपने धूमिल हैं तो क्या हुआ कभी तो सच्चे होंगे अभी वक्त बुरा हैं तो क्या हुआ कभी तो अच्छे भी होंगे आज खून भी पसीना बनक� read more >>
आओ चलो मिल के करे नमन उन्हें जो वीर थे रणधीर थे माँ के दुलारे धरनी के लाल थे जिन्हे हम भूल गए धरती माँ के सिंगार थे आओ चले लहुं लुहा� read more >>
वो रुत बन के आई रुत सी ही चली गई न फुहार बन बरसी बिन गरजे चली गई मैं सोचता ही रहा वो सैलाव बन के वरपेगी और मुझे अपने साथ अपने आगोश में read more >>
Join Us: