काश कोई मंदिर ऐसा भी बना दे !
जो हर दुःखी मन को बच्चा बना दे !!
बढ़ रहे है मुल्क में हैवान इस कदर !
हर शख़्स को इंसान सच्चा बना दे !!
• विशाल श� read more >>
लघु कथा: विरासत की गूंज
(स्थान: रामलीला मैदान, पट्टी, प्रतापगढ़)
शाम के 6 बज रहे थे। अक्टूबर की हल्की गुलाबी ठंड हवा में घुलने लगी थी। 20 read more >>
हो .....याद आवेला आ, हो... याद आवेला आ, हो..….. याद आवेला आ हो......
घर वा दूअरबा....गउआ बगीचा.......खेत खलियानवा.....
याद आवेला हो......याद आवेला आ
याद आवेला ह read more >>
मेरा साथी पेड़ - एक जीवंत संस्मरण
हमारे घर के छोटे से बगीचे में एक बड़ा, हरा-भरा आम का पेड़ था। उसकी जड़ें मानो घर की नींव से जुड़ी थीं। ब� read more >>